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राष्ट्रीय प्रतिरक्षाविज्ञान संस्थान (रा.प्र.सं.) की कल्पना 31 साल पहले की गई थी और इसे एक सोसाइटी के रूप में पंजीकृत किया गया था। यह अपने अस्तित्व के तीन दशकों से कार्यरत है । इन वर्षों में, (रा.प्र.सं.) ने उत्कृष्ट संकाय नफरी, अत्यातधुनिक बुनियादी सुविधाओं और उत्कृष्ट प्रकाशनों से एक अच्छा विज्ञान के लिए मिलनसार और स्वास्थ्य हेतु सामाजिक योगदान का वातावरण स्थापित किया है।

जब हम अपने अस्तित्व के चौथे दशक 2013 में प्रवेश कर रहे हैं, तो हमारे लिए यह महत्वपपूर्ण हो जाता है कि हम अपने अतीत की उपलब्धियों पर चितंन करते हुए भविष्य के लिए मार्ग स्थापित करने की योजना बनाएं। भविष्य में हमारा प्रयास होगा कि जैविक अनुसंधान के नए क्षेत्रों का पता लगाने के लिए तेजी से विस्तार किया जाए । इन प्रयासों के लिए खोज संसाधनों के प्रवर्तन हेतु मानवशक्ति और बुनियादी जैसी सुविधाओं की आवश्यकता होगी । पिछले एक साल में हमारे पीएचडी कार्यक्रमों में छात्र संख्या में वृद्धि हुई है, क्योंकि हमारे स्नातक छात्र अनुसंधान के लिए एक बड़ी ताकत के रूप में उभरे हैं । हम हर गत वर्ष के इस कार्यक्रम में सुधार और छात्रों में रचनात्मक सोच और व्यक्तिगत उद्यम की उनकी भावना को पैदा करने के लिए सही वातावरण सुनिश्चित करना चाहते हैं।

हमारे अनुसंधान कार्यक्रमों को और ताकतवर बनानें के लिए शोधकर्ताओं का पोस्ट डॉक्टरेट पूल एक अन्ये स्तंभ है। राष्ट्रीय प्रतिरक्षाविज्ञान संस्थान अपनी इस अनुसंधान नफरी में विस्तार युवा अन्वेषक प्रतियोगिता के माध्यम से करने का प्रयास कर रहा है, जहाँ युवाओं को बहुत बेहतरीन अत्याधुनिक अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए लाया जा सकता है । हम पोस्ट डॉक्टरेट पूल के वैज्ञानिकों के साथ जूनियर रिसर्च फेलो के रूप में काम कर रहे युवाओं को उत्सा‍हित करेगें । भविष्य में, हम उन्हें अपनी क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए और अधिक अवसर देना चाहेंगे।

विज्ञान के अंतःविषय दृष्टिकोण ने रोगों के निदान के लिए प्राइम विधा निर्धारित की है। राष्ट्रीय प्रतिरक्षाविज्ञान संस्थान का उद्देश्य अंतर और अंतर संस्थागत कालेज संबंधी सहयोग को प्रोत्साहित करने का होगा । राष्ट्रीय प्रतिरक्षाविज्ञान संस्थान की संकाय नफरी और पिछले कुछ वर्षों में बेसिक जीव विज्ञान में तैयार किए गये आधार को बहु-अनुशासनात्मक टीम को संचालित कार्यक्रमों को संबोधित करने के लिए रोग जीव विज्ञान में बड़ा सवाल विकसित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। हम समय बीतने के साथ आवश्यक निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु अपनी संकाय नफरी को मज़बूत करने के लिए युवा प्रतिभाओं को आकर्षित करने के प्रयास कर रहे हैं । उसी प्रयास में हम संस्थान में नई प्रतिभाओं को अपने प्रशासनिक एवं तकनीकी तंत्र को सक्रीय करने की कोशिश कर रहे हैं ।

अन्त में, मैं सभी वैज्ञानिकों, तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मचारियों को उत्कृष्ट रूप से कार्य करने के लिए बधाई देती हूँ और उनसे अनुरोध करती हूँ कि अपनी प्रतिभा का उपयोग सभी क्षेत्रों में उच्च मानक तय करने के लिए नए उत्साह के साथ भविष्य में आगे उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए करें ।

चंद्रिमा शाहा

कॉपीराइट © 2012 राष्ट्रीय प्रतिरक्षाविज्ञान संस्थान. सभी अधिकार सुरक्षित.((प्रशासन))

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