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पिछले तीन दशकों में, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी ने आधुनिक जीवविज्ञान के क्षेत्र में खुद को एक प्रमुख अनुसंधान केंद्र के रूप में स्थापित किया है। राष्‍ट्रीय प्रतिरक्षाविज्ञान संस्‍थान में शोधकर्ताओं ने एक जीवंत समुदाय का निर्माण और पोषण किया गया है। हम बुनियादी एवं अप्‍लाइड प्रतिरक्षा के लिए उच्च क्षमता के अनुसंधान कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए रणनीतिक संसधान तैयार कर रोगों की रोकथाम तथा संरक्षण सुलभ कराया जा सके । राप्रसं. अपने जांचकर्ताओं के विश्वसनीय अनुसंधान के बल पर अपनी संस्थागत भविष्‍य को विस्तारित करने और समाज में मानव स्वास्थ्य और रोग के क्षेत्र में जटिल समस्‍याओं का समाधान करने के लिए आगे बढ़ रहा है। हमारे प्रयासों का एक और अभिन्न हिस्सा, हमारी निरंतर विज्ञान शिक्षा और आउटरीच कार्यक्रम रहा है। राष्‍ट्रीय प्रतिरक्षाविज्ञान संस्‍थान स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपने जनादेश की प्राप्ति की दिशा में विज्ञान में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु अपने अनुसंधान पाठ्यक्रमों को जारी रखेगा ।


अमूल्य के. पँडा 

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